बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत जागरूकता रथ सिमडेगा के समाहरणालय से रवाना किया गया।

संस्था छोटानागपुर कल्याण निकेतन और जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन अलायंस के संयुक्त प्रयास से, बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत जागरूकता रथ सिमडेगा के समाहरणालय से रवाना किया गया। इस रथ को सिमडेगा के उपायुक्त महोदय ने हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया। इस अवसर पर पंचायती पदाधिकारी, डीटीओ सिमडेगा, और अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित थे।

इस रथ का उद्देश्य जिले के कोने-कोने में यह संदेश फैलाना है कि कम उम्र में बच्चों का विवाह एक कानूनी अपराध है। इस अभियान के तहत लोगों को जागरूक किया जा रहा है कि वे अपने बच्चों के हाथ से कागज और कलम छीनकर जल्दबाजी में शादी करने के बजाय पहले उन्हें पढ़ाई पूरी करने दें। अभियान का मुख्य नारा “पहले पढ़ाई, तब विदाई” को केंद्र में रखकर इस रथ को रवाना किया गया।

इस कार्यक्रम में संस्था की सचिव प्रियंका सिन्हा के साथ संस्था के अन्य सदस्य भी उपस्थित थे। इनमें रोहित कुमार, मयंक, गौरव प्रधान, शांति देवी, रुकमणि देवी, सकोलोस्तिका कुल्लू, जॉन लकड़ा, मीना कुमारी, और लालचंद मांझी का योगदान उल्लेखनीय था।

जागरूकता रथ का उद्देश्य था ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में जागरूकता का संदेश पहुँचाना, विशेषकर उन वंचित समुदायों तक जो संसाधनों और जानकारी के अभाव के कारण अपने बच्चों का विवाह जल्दी कर देते हैं। यह रथ उन क्षेत्रों में जाकर यह जानकारी देगा कि कम उम्र में विवाह से बच्चों का जीवन कैसे प्रभावित होता है और यह कानूनी अपराध होने के कारण इसके लिए क्या-क्या दंड मिल सकता है।

अभियान का संकल्प है कि सिमडेगा जिला बाल विवाह मुक्त जिला बने। इस जागरूकता रथ के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में संदेश पहुँचाने का लक्ष्य है कि वे अपने बच्चों के अधिकारों और शिक्षा के महत्व को समझें और बाल विवाह जैसे सामाजिक बुराई से दूर रहें।

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